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मराठा क्रांती मोर्चा के बारें में विनोद जगदाले news24 के वरिष्ठ पत्रकार ने अपने अनुभव और विचार साझा किये है..

दोस्तों..
सातारा-पुणे हाईवे से गुजरते समय आपसे कुछ बातें शेयर कर रहा हूं, जरा ध्यान दीजिएगा। बता दूं कि मराठा क्रांति मोर्चा की कवरेज के लिए मैं दो दिन सातारा में था, इससे पहले नवी मुंबई में मराठा क्रांति मोर्चा का कवरेज किया था। सातारा के मोर्चे में एक बात मुख्य रूप से उजागर हुई कि आरक्षण को लेकर मराठा समाज की महिलाएं काफी बड़ी तादात में आज भी इस मोर्चे में शामिल हुईं।
पहले तो 2 किलोमीटर मैं खुद मोर्चे के साथ चला। फिर सोचा कि चलो मोर्चे में शामिल वकील और डॉक्टर्स का क्या कहना है देखते हैं, मोर्चे के स्टार्टिंग पॉइंट से मैं चल रहा था कि राधिका रोड पर मोर्चा आते ही मैं वहां रुक गया और सोचा कि कुछ ही देर में महिलाओं का मोर्चा आगे बढ़ेगा तो उनके पीछे चले आ रहे पुरुषों (डॉक्टर और वकील) से बात कर लूंगा, लेकिन मेरा वह कयास जल्द झूठा साबित हो गया। 2 घंटे 3 मिनट बाद महिलाओं का मोर्चा समाप्त हुआ और फिर मैंने दूसरे लोगों से बात की…। कहने की बात यह है कि अब तक जितने भी जिलों में मराठा मोर्चे हुए हैं, उनमें रिकॉर्ड तोड़ भीड़ इसी मोर्चे में देखी गई। वह भी शायद इसलिए कि यह मोर्चा मराठा साम्राज्य की राजधानी में हो रहा था। वैसे लोगों को लग रहा होगा कि मैं इस मोर्चे की तारीफ कर रहा हूं, लेकिन ऐसा जरा भी नहीं है। मैंने तो बस सच्चाई ही बयां की है।

दोस्तों ध्यान रहे कि मेरे इस पोस्ट को जो लोग मेरी जाति से जोड़कर देखेंगे, उन महानुभावों को बता दूं कि पत्रकार की कोई जाति नहीं होती। हमारा काम सिर्फ लाखों लोगों की बात को जन-जन में पहुँचाना होता है। मोर्चे से एक दिन पहले ही कई युवा मोटर साइकिल पर मोर्चे के लिए माहौल बना रहे थे। उसी रात 11:30 मिनट पर, 8 से 13 साल के 15-20 बच्चों ने साइकिल रैली निकाली, जहां बच्चे ‘एक मराठा एक लाख मराठा के बराबर’ नारा देते हुए सातारा की गलियों में घूम रहे थे। समझ में नहीं आता कि जिसमें बच्चों से लेकर महिलाओं तक का बड़ा हुजूम शामिल है और जो मोर्चा दिन प्रतिदिन बड़ा रूप लेता जा रहा है, आखिर मराठाओं के इस अभियान पर सरकार अब तक चुप क्यों बैठी है और कोई कदम क्यों नहीं उठा रही है।

बहरहाल, आज के मराठा साम्राज्य की राजधानी सातारा में हुए मराठा क्रांति मोर्चे से आभास रहा है कि मराठाओं ने अपने साम्राज्य की राजधानी को जीत लिया, अब उनका अगला मुकाम देश की आर्थिक राजधानी मायानगरी मुंबई को अपनी ताकत दिखाने का है!

जय हिंद, जय महाराष्ट्र…

Comments (4)

  • R.K.Gaikwad

    Maratho ka muk kranti Morcha Tarife kabil hai , Ye tufan aane k pahile ki shanti hai.

  • Yogesh Navale

    Ek maratha lakh maratha

  • Nandkishor Shivaji Patil

    Kafhi Aacha Rutankan Aapne Kiya Sir…..Very Nice….Our Mratha Raily Ke to Kya Khene Unhone Pure Bharat Bhar Me Apane Morcho Ka Ek Aadrshya Rakha hai…….

  • Dayanand S. Rane

    Good coverage, Thanks Shree Vinod
    Jagdale!

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